Womens Emporement
 

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Women self-help groups are an appropriate and successful method of improving the society. It has been accepted in the Indian society that if the women are empowered enough, the society tends to prosper. Also many research shows that enhancing women’s economic participation improves national economies, increases household productivity and living standards, enhances the well-being of children with positive long term impacts and can increase women’s agency and overall empowerment.

District Administration, Surguja is focussing on providing long term solution to the problem of poverty, malnutrition etc. through sensitizing the main target group and making women as a centre for development. The notion is to provide them economic participation, economic opportunity, social empowerment, educational attainment and health and well-being. This can only lead to development in true sense as envisioned by our father of nation, Mahatma Gandhi.

latest Sucess story in Surguja District
प्रतिभा दास की किराना दुकान बहुत अच्छी चल रही है और किराना दुकान से प्रति माह 6000 से 700 रूपये कमाती हैं। वर्तमान समय में उसकी किराना दुकान की सामग्री 50000 से 60000 रू की हो चुकी है। आज प्रतिभा दास की दुकान से पूरे घर का खर्चा आराम से निकल आता है। घर में हालात बहुत अच्छे हो चुके है।
कु. राधा यादव द्वारा 10000 रू. की सिलाई एवं इंटरलाक मशीन क्रय कर गांव एवं आसपास के ग्रामों के कपड़ों के सिलाई का कार्य प्रारंभ कर दिया इनके द्वारा ब्लाउज, सलावार, सूट एवं बच्चों के कपड़े आदि का सिलाई कार्य किया जाता है जिससे उनको 2500 से 3000 रू. प्रतिमाह आय कमा लेती है।
संस्थान के द्वारा मत्स्य योजना से जोड कर अत्यंत कम दर पर रोहू, कतला व मुंगरी आदि का लगभग 35000 मछली बीज क्रय किया गया। जिसका पालन समूह के देखरेख में किया जा रहा है। समूह के द्वारा लगभग रू 30,000/- का मछली उत्पादन का अनुमान है।
 
शारदा सिंह ने बैंक से प्राप्त ऋण राशि में से 40000 रूपये को मसाला बनाने में लगाया इसमें करमा माल बिलासपुर से आता है जिसमें वह हल्दी, र्मिच, धनियां, गरम मसाला पाउडर बनाती है जिससे आंगनबड़ी होटल मध्यान भोजन में जाता है।