ऐतिहासिक पृष्ठभूमि :-

    जशपुर जिले का गठन 25 मई 1998 को हुआ है । यह पूर्णतः आदिवासी जिला है, इसके पूर्व अविभाजित मध्य प्रदेश के रायगढ़ जिले में सम्मिलित था । इस जिले में 04 पुलिस अनुविभाग जशपुर, कुनकुरी, बगीचा, एवं पत्थलगांव है। वर्तमान में 13 थाने एवं 07 चौकियां, 01 आउट पोस्ट, क्रमश: थाना जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा, सन्ना, नारायणपुर, तपकरा, फरसाबहार, तुमला, बागबहार, कांसाबेल, आस्ता दुलदुला है एवं चौकी - लोदाम, आरा, मनोरा, सोनक्यारी, पण्डरापाठ, कोतबा, दोकड़ा तथा आउट पोस्ट सुलेसा संचालित है। जिला जशपुर जिला मुखयालय से झारखण्ड प्रान्त का जिला गुमला 55 किमी., जिला सिमडेगा 105 किमी. एवं उड़ीसा प्रान्त का जिला सुन्दरगढ़ 152 किमी. छत्तीसगढ़ का जिला रायगढ 214 किमी., जिला सरगुजा 160 किमी. एवं जिला बलरामपुर 150 किमी. है। श्री बी.एस. मराबी (भा.पु.से.) को इस जिले का प्रथम पुलिस अधीक्षक होने का गौरव प्राप्त है ।

भौगोलिक स्थिति :-

    छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्व में यह जिला 22०17′ से 23०15′ अक्षांश तथा 83०30′ से 84०24′ देशांतर के मध्य स्थित है। जिले का कुल क्षेत्रफल 8270 वर्ग कि.मी. है । भौगालिक दृष्टि से यह दो भागों में बंटा हुआ है उपर घाट एवं नीच घाट । राष्ट्रीय मार्ग क्रमांक-43 पर उपर घाट में जशपुर, घोलेंग एवं लोदाम एवं नीचघाट में पत्थलगांव, कांसाबेल, बंदरचुंवा एवं कुनकुरी शहर स्थित हैं । जशपुर समुद्र तल से 171 मीटर ऊंचाई है । जिले में ईब, एवं मैनी प्रमुख नदियां हैं तथा बादलखोल अभयारण्य स्थित है। यहां की पहाड़ एवं जंगलों में काफी मात्रा में औषधियां पायी जाती है ।